
आज फिर तुम याद आने लगे हो
ऐसा नहीं है की मैं तुम्हें भूल गया हूँ
पर शायद याद आने और नहीं भूलने में फ़र्क़ होता है
याद आना एक सक्रिय प्रक्रिया है
नहीं भूलना किसी को ख़ुद में समाहित कर लेने जैसा होता है
जैसे सांस लेना एक निष्क्रिय प्रक्रिया है
पर साँसो को महसूस करते हुए साँस लेना सक्रिय
साँसो को महसूस करना मतलब साँसो में डूब जाना
तुम्हारी याद आना मतलब तूम में डूब जाना
